श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  9.7.35 
अहन्यहनि युध्यन्तं क्षोभयन्तं बलं तव।
तस्माज्जहि रणे शल्यं मघवानिव शम्बरम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम्हें राजा शल्य का, जो प्रतिदिन युद्धभूमि में लड़कर तुम्हारी सेना को परेशान कर रहा है, उसी प्रकार वध करना चाहिए, जिस प्रकार इन्द्र ने शम्बरासुर का वध किया था।
 
‘Therefore, you should kill King Shalya, who is fighting in the battlefield every day and disturbing your army, in the same manner as Indra killed Shambarasur.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)