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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना
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श्लोक 29
श्लोक
9.7.29
यादृग् भीष्मस्तथा द्रोणो यादृक् कर्णश्च संयुगे।
तादृशस्तद्विशिष्टो वा मद्रराजो मतो मम॥ २९॥
अनुवाद
जैसे भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण युद्ध में वीर थे, वैसे ही मैं मद्रराज शल्य को भी उनके समान अथवा उनसे भी अधिक वीर मानता हूँ॥ 29॥
Just as Bhishma, Dronacharya and Karna were all valiant in war, I consider Madra king Shalya to be as valiant or even more valiant than them.॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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