शल्य उवाच
अद्य चाहं रणे सर्वान् पञ्चालान् सह पाण्डवै:॥ १३॥
निहनिष्यामि वा राजन् स्वर्गं यास्यामि वा हत:।
अनुवाद
शल्य बोले, "हे राजन! आज या तो मैं युद्धभूमि में पाण्डवों सहित समस्त पांचालों का वध कर दूँगा अथवा स्वयं मारा जाकर स्वर्ग को जाऊँगा।"
Shalya said, "O King! Today I will either kill all the Panchalas including the Pandavas on the battlefield or I will get killed myself and go to heaven."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥