श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  9.61.7 
दुष्करं भवता कर्म रणेऽद्य सुमहत् कृतम्।
कौरवेन्द्रं रणे हत्वा गदयातिकृतश्रमम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
कौरवराज दुर्योधन ने गदायुद्ध में बहुत परिश्रम किया था। आज युद्धभूमि में उसे मारकर तुमने एक महान् तथा कठिन कार्य किया है।
 
Kaurava king Duryodhana had put in a lot of effort in mace fighting. Today by killing him on the battlefield you have performed a great and difficult feat.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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