श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  9.61.69 
कृतकृत्याश्च सायाह्ने निवासं रोचयामहे।
साश्वनागरथा: सर्वे विश्रमामो नराधिपा:॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
अब जब हमारा कार्य पूर्ण हो गया है, तो हम सायंकाल विश्राम करना चाहते हैं। हे राजाओं! हम सब लोग अपने घोड़ों, हाथियों और रथों सहित विश्राम करें॥69॥
 
‘Now that our work is complete, we wish to rest in the evening. O kings! Let us all rest along with our horses, elephants and chariots.'॥ 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)