श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  9.61.65 
ते हि सर्वे महात्मानश्चत्वारोऽतिरथा भुवि।
न शक्या धर्मतो हन्तुं लोकपालैरपि स्वयम्॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
भीष्म, द्रोण, कर्ण और भूरिश्रवा - ये चार महापुरुष इस पृथ्वी पर अतिरथी नाम से विख्यात थे। लोकपाल भी धर्मयुद्ध करके उन सबको नहीं मार सकता था ॥65॥
 
‘Bhishma, Drona, Karna and Bhurishrava – these four great men were famous as Atirathis on this earth. Even Lokpal could not kill them all by waging a religious war. 65॥
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