श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  9.61.62 
नैष शक्य: कदाचित् तु हन्तुं धर्मेण पार्थिव:।
ते वा भीष्ममुखा: सर्वे महेष्वासा महारथा:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
‘यह राजा दुर्योधन अथवा भीष्म आदि महाधनुर्धर योद्धा धर्मयुद्ध द्वारा कभी नहीं मारे जा सकते ॥ 62॥
 
‘This King Duryodhana or those great archers and warriors like Bhishma could never be killed through a righteous war.॥ 62॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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