श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  9.61.60 
तांस्तु चिन्तापरान् दृष्ट्वा पाण्डवान् दीनचेतस:।
प्रोवाचेदं वच: कृष्णो मेघदुन्दुभिनि:स्वन:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
पाण्डवों को दीन और चिन्तित देखकर मेघ और मेघ के समान गम्भीर शब्द करने वाले श्रीकृष्ण ने इस प्रकार कहा- 60॥
 
Seeing the Pandavas humble and worried, Shri Krishna, who made a sound as solemn as the clouds and clouds, said thus - 60॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)