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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि
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श्लोक 31-32h
श्लोक
9.61.31-32h
अश्वत्थाम्न: सनामानं हत्वा नागं सुदुर्मते॥ ३१॥
आचार्यो न्यासित: शस्त्रं किं तन्न विदितं मया।
अनुवाद
दुमते! अश्वत्थामा के समान नाम वाले हाथी को मारकर तुम लोगों ने द्रोणाचार्य से अस्त्र गिरवा दिया। क्या मुझे इसकी जानकारी नहीं है?॥31 1/2॥
Dummate! After killing an elephant with the same name as Ashwatthama, you people made Dronacharya drop his weapon. Don't I know about that?॥ 31 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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