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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि
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श्लोक 14
श्लोक
9.61.14
अमित्राणामधिष्ठानाद् वधाद् दुर्योधनस्य च।
भीम दिष्ट्या पृथिव्यां ते प्रथितं सुमहद् यश:॥ १४॥
अनुवाद
भीम! सौभाग्यवश शत्रुओं पर अपना प्रभुत्व स्थापित करके तथा दुर्योधन को मारकर आपकी कीर्ति संसार भर में फैल गई है॥ 14॥
Bhima! Fortunately, by establishing your supremacy over the enemies and killing Duryodhana, your fame has spread throughout the world.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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