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mahabharat 9.60.d5: इस प्रकार उन्होंने सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु को निहत्था करके मार डाला, जो अभी भी युद्ध में तत्पर था और धनुष कट जाने तथा रथ से वंचित हो जाने के बाद भी युद्धभूमि से मुंह नहीं मोड़ा था।   |   mahabharat अध्याय 9.60: क्रोधमें भरे हुए बलरामको श्रीकृष्णका समझाना और युुधिष्ठिरके साथ श्रीकृष्णकी तथा भीमसेनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 60: क्रोधमें भरे हुए बलरामको श्रीकृष्णका समझाना और युुधिष्ठिरके साथ श्रीकृष्णकी तथा भीमसेनकी बातचीत  »  श्लोक d5
 
 
श्लोक  9.60.d5 
तत: सछिन्नधन्वानं विरथं पौरुषे स्थितम्।
व्यायुधीकृत्य हतवान् सौभद्रमपलायिनम्॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार उन्होंने सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु को निहत्था करके मार डाला, जो अभी भी युद्ध में तत्पर था और धनुष कट जाने तथा रथ से वंचित हो जाने के बाद भी युद्धभूमि से मुंह नहीं मोड़ा था।
 
In this way, he disarmed and killed Abhimanyu, the son of Subhadra, who was still devoted to fighting and did not turn his back on the battlefield even after his bow was cut and he was deprived of his chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)