Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.60.43: महाराज! आज यह सम्पूर्ण पृथ्वी आपकी हो गई है, इसके काँटे नष्ट हो गए हैं, अतः यह शुभ हो गई है। आप इस पर शासन करें और अपने धर्म का पालन करें॥ 43॥ | mahabharat अध्याय 9.60: क्रोधमें भरे हुए बलरामको श्रीकृष्णका समझाना और युुधिष्ठिरके साथ श्रीकृष्णकी तथा भीमसेनकी बातचीत । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तवाद्य पृथिवी सर्वा क्षेमा निहतकण्टका।
तां प्रशाधि महाराज स्वधर्ममनुपालय॥ ४३॥
अनुवाद
महाराज! आज यह सम्पूर्ण पृथ्वी आपकी हो गई है, इसके काँटे नष्ट हो गए हैं, अतः यह शुभ हो गई है। आप इस पर शासन करें और अपने धर्म का पालन करें॥ 43॥
‘Maharaj! Today this whole earth has become yours, its thorns have been destroyed, hence it has become auspicious. You rule it and follow your religion.॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥