श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 59: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनका तिरस्कार, युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाकर अन्यायसे रोकना और दुर्योधनको सान्त्वना देते हुए खेद प्रकट करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  9.59.11 
ये न: पुरा षण्ढतिलानवोचन्
क्रूरा राज्ञो धृतराष्ट्रस्य पुत्रा:।
ते नो हता: सगणा: सानुबन्धा:
कामं स्वर्गं नरकं वा पताम:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
राजा धृतराष्ट्र के क्रूर पुत्र, जिन्होंने पहले हमें तिल के समान नपुंसक कहा था, अपने सेवकों और बन्धु-बान्धवों सहित हमने ही मारे हैं। अब हमें इसकी कोई परवाह नहीं कि हम स्वर्ग में जाएँगे या नरक में।॥11॥
 
The cruel sons of King Dhritarashtra, who had earlier called us impotent like empty sesame seeds, were killed by us along with their servants and relatives. Now we do not care whether we go to heaven or fall into hell.'॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)