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mahabharat 9.58.8: अतः शत्रुघ्न भीमसेन को अपनी प्रतिज्ञा पूरी करनी चाहिए और अपनी माया से ही कपटी राजा दुर्योधन का नाश करना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  9.58.8 
सोऽयं प्रतिज्ञां तां चापि पालयत्वरिकर्षण:।
मायाविनं तु राजानं माययैव निकृन्ततु॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अतः शत्रुघ्न भीमसेन को अपनी प्रतिज्ञा पूरी करनी चाहिए और अपनी माया से ही कपटी राजा दुर्योधन का नाश करना चाहिए।
 
Therefore, Shatrughan Bhimasena should fulfill his promise and destroy the deceptive king Duryodhana through his illusion only.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)