श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  9.58.7 
प्रतिज्ञातं च भीमेन द्यूतकाले धनंजय।
ऊरू भेत्स्यामि ते संख्ये गदयेति सुयोधनम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे धनंजय! भीम ने जुए के समय दुर्योधन से प्रतिज्ञा की थी कि, 'युद्ध में मैं अपनी गदा से तुम्हारी दोनों जाँघें तोड़ दूँगा।'
 
O Dhananjaya! During the gambling, Bhima had made a vow to Duryodhan saying, 'In the battle I will break both your thighs with my mace.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)