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mahabharat 9.58.57-58h: महाराज! जब आपका पुत्र गिर पड़ा, तब शस्त्रधारी और ध्वजाधारी सभी योद्धा काँपने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 57-58h
 
 
श्लोक  9.58.57-58h 
ध्वजवन्तोऽस्त्रवन्तश्च शस्त्रवन्तस्तथैव च॥ ५७॥
प्राकम्पन्त ततो राजंस्तव पुत्रे निपातिते।
 
 
अनुवाद
महाराज! जब आपका पुत्र गिर पड़ा, तब शस्त्रधारी और ध्वजाधारी सभी योद्धा काँपने लगे।
 
King! When your son fell, all the warriors armed with weapons and carrying flags began to tremble. 57 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)