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mahabharat 9.58.54-55h: आपके पुत्र के मारे जाने पर वहाँ जो घोड़े, हाथी और मनुष्य रह गये थे, वे सब बहुत बड़ा उत्पात मचाने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 54-55h
 
 
श्लोक  9.58.54-55h 
ये तत्र वाजिन: शेषा गजाश्च मनुजै: सह॥ ५४॥
मुमुचुस्ते महानादं तव पुत्रे निपातिते।
 
 
अनुवाद
आपके पुत्र के मारे जाने पर वहाँ जो घोड़े, हाथी और मनुष्य रह गये थे, वे सब बहुत बड़ा उत्पात मचाने लगे।
 
The horses, elephants and humans who were left behind there, all started making a great uproar after your son was killed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)