श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  9.58.2 
अनयोर्वीरयोर्युद्धे को ज्यायान् भवतो मत:।
कस्य वा को गुणो भूयानेतद् वद जनार्दन॥ २॥
 
 
अनुवाद
जनार्दन! आपकी राय में इस रणभूमि में इन दोनों वीरों में से कौन श्रेष्ठ है अथवा किसमें कौन-सा गुण अधिक है? यह मुझे बताइए।॥2॥
 
‘Janardan! In your opinion, who among these two heroes is the greatest in this battlefield or who has which quality more? Tell me this.’॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)