Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.58.17-18h: इस दुर्योधन की सेना मारी गई। वह पराजित हो गया और अब राज्य पाने की आशा से निराश होकर वन में जाना चाहता था; इसलिए भागकर एक तालाब में छिप गया। ऐसे निराश शत्रु को कौन बुद्धिमान पुरुष युद्धभूमि में द्वन्द्वयुद्ध के लिए बुलाएगा?॥17 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस दुर्योधन की सेना मारी गई। वह पराजित हो गया और अब राज्य पाने की आशा से निराश होकर वन में जाना चाहता था; इसलिए भागकर एक तालाब में छिप गया। ऐसे निराश शत्रु को कौन बुद्धिमान पुरुष युद्धभूमि में द्वन्द्वयुद्ध के लिए बुलाएगा?॥17 1/2॥
This Duryodhan's army was killed. He was defeated and now he wanted to go to the forest, despairing of regaining the kingdom; that is why he ran away and hid in a pond. Which wise man would invite such a hopeless enemy for a duel in the battlefield?॥17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥