Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.58.12-13h: पाण्डुपुत्र! एक व्यक्ति की हार-जीत को सबकी हार-जीत पर दांव लगाकर उसने इस भीषण युद्ध को जुए का खेल बना दिया है। यह धर्मराज की महान मूर्खता है। | mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डुपुत्र! एक व्यक्ति की हार-जीत को सबकी हार-जीत पर दांव लगाकर उसने इस भीषण युद्ध को जुए का खेल बना दिया है। यह धर्मराज की महान मूर्खता है।
Son of Pandu! By betting the win or loss of one person on the win or loss of all, he has turned this fierce war into a gambling game. This is a great foolishness on the part of Dharmaraj. 12 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥