Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.58.11-12h: महान् प्रयत्न करने पर भीष्म आदि कौरवों को मारकर विजय और महान् यश प्राप्त हुआ और शत्रुता का पूर्णतया बदला लिया गया। इस प्रकार जो विजय प्राप्त हुई थी, उसे उन्होंने पुनः संदेह में डाल दिया है। ॥11 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महान् प्रयत्न करने पर भीष्म आदि कौरवों को मारकर विजय और महान् यश प्राप्त हुआ और शत्रुता का पूर्णतया बदला लिया गया। इस प्रकार जो विजय प्राप्त हुई थी, उसे उन्होंने पुनः संदेह में डाल दिया है। ॥11 1/2॥
After making great efforts, victory and great fame were achieved by killing Bhishma and other Kauravas and the enmity was completely avenged. In this way, the victory which was achieved has again been put in doubt by them. ॥ 11 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥