vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 9: शल्य पर्व
»
अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना
»
श्लोक 1
श्लोक
9.58.1
संजय उवाच
समुदीर्णं ततो दृष्ट्वा संग्रामं कुरुमुख्ययो:।
अथाब्रवीदर्जुनस्तु वासुदेवं यशस्विनम्॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! कुरुकुल के दोनों प्रमुख वीरों के बीच युद्ध को क्रमशः बढ़ता हुआ देखकर अर्जुन ने यशस्वी भगवान श्रीकृष्ण से पूछा- 1॥
Sanjay says- Rajan! Seeing the battle between the two chief heroes of Kurukula gradually increasing, Arjuna asked the famous Lord Krishna - 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×