श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.58.1 
संजय उवाच
समुदीर्णं ततो दृष्ट्वा संग्रामं कुरुमुख्ययो:।
अथाब्रवीदर्जुनस्तु वासुदेवं यशस्विनम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! कुरुकुल के दोनों प्रमुख वीरों के बीच युद्ध को क्रमशः बढ़ता हुआ देखकर अर्जुन ने यशस्वी भगवान श्रीकृष्ण से पूछा- 1॥
 
Sanjay says- Rajan! Seeing the battle between the two chief heroes of Kurukula gradually increasing, Arjuna asked the famous Lord Krishna - 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)