Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.57.61-62h: उस महापराक्रमी महारथी ने निकट आकर महाबुद्धिमान भीमसेन के मस्तक पर गदा से प्रहार किया; किन्तु भीमसेन पर्वत के समान स्थिर खड़े रहे; उनका हृदय तनिक भी विचलित नहीं हुआ। | mahabharat अध्याय 9.57: भीमसेन और दुर्योधनका गदायुद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स महात्मा महात्मानं भीमं भीमपराक्रम:॥ ६१॥
अताडयच्छङ्खदेशे न चचालाचलोपम:।
अनुवाद
उस महापराक्रमी महारथी ने निकट आकर महाबुद्धिमान भीमसेन के मस्तक पर गदा से प्रहार किया; किन्तु भीमसेन पर्वत के समान स्थिर खड़े रहे; उनका हृदय तनिक भी विचलित नहीं हुआ।
Coming close, that terribly valiant and great-minded warrior struck the forehead of the great-minded Bhimasena with his mace, but Bhimasena stood there as still as a mountain; he was not shaken at all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥