Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.55.41-43h: दोनों ही अत्यंत हर्ष और उत्साह से भरे हुए थे। दोनों ही अत्यंत सम्मानित योद्धा थे। पुरुषश्रेष्ठ दुर्योधन और भीमसेन दो हिनहिनाते घोड़ों, दो तुरही बजाते हाथियों, दो गरजते बैलों और शक्ति से उन्मत्त दो राक्षसों के समान प्रतीत हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 9.55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दोनों ही अत्यंत हर्ष और उत्साह से भरे हुए थे। दोनों ही अत्यंत सम्मानित योद्धा थे। पुरुषश्रेष्ठ दुर्योधन और भीमसेन दो हिनहिनाते घोड़ों, दो तुरही बजाते हाथियों, दो गरजते बैलों और शक्ति से उन्मत्त दो राक्षसों के समान प्रतीत हो रहे थे।
Both were filled with great joy and enthusiasm. Both were highly respected warriors. The best of men, Duryodhana and Bhimasena looked like two neighing horses, two trumpeting elephants, two bellowing bulls and two demons mad with power.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥