Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.55.36-37h: जैसे वर्षा ऋतु में पूर्व और पश्चिम दिशा में स्थित दो वर्षा करने वाले बादल भयंकर गर्जना करते हैं, उसी प्रकार वे दोनों वीर शत्रु एक-दूसरे की ओर देखते हुए भयंकर गर्जना कर रहे थे। | mahabharat अध्याय 9.55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे वर्षा ऋतु में पूर्व और पश्चिम दिशा में स्थित दो वर्षा करने वाले बादल भयंकर गर्जना करते हैं, उसी प्रकार वे दोनों वीर शत्रु एक-दूसरे की ओर देखते हुए भयंकर गर्जना कर रहे थे।
Just as during the monsoon season two rain-bearing clouds situated in the east and west directions roar terribly, similarly those two brave enemies were roaring terrifyingly while looking at each other.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥