श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 54: प्लक्षप्रस्रवण आदि तीर्थों तथा सरस्वतीकी महिमा एवं नारदजीसे कौरवोंके विनाश और भीम तथा दुर्योधनके युद्धका समाचार सुनकर बलरामजीका उसे देखनेके लिये जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  9.54.4 
ते तु सर्वे महात्मानमूचू राजन् हलायुधम्।
शृणु विस्तरशो राम यस्यायं पूर्वमाश्रम:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजा! तब उन सभी ऋषियों ने महात्मा हलधर से कहा - 'बलरामजी! इस आश्रम पर सबसे पहले जो शासन करता था, उसकी कथा विस्तारपूर्वक सुनिए-॥4॥
 
King! Then all those sages said to Mahatma Haldhar - 'Balramji! Listen to the story in detail of the person who was in control of this ashram first -॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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