Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.52.9-10h: राजेंद्र! कड़ी मेहनत से थककर भी वह खुद को सिद्ध समझती थी। धीरे-धीरे बुढ़ापे और तपस्या ने उसे कमजोर बना दिया। 9 1/2।   |   mahabharat अध्याय 9.52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान‍्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान‍्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  9.52.9-10h 
साऽऽत्मानं मन्यमानापि कृतकृत्यं श्रमान्विता॥ ९॥
वार्धकेन च राजेन्द्र तपसा चैव कर्शिता।
 
 
अनुवाद
राजेंद्र! कड़ी मेहनत से थककर भी वह खुद को सिद्ध समझती थी। धीरे-धीरे बुढ़ापे और तपस्या ने उसे कमजोर बना दिया। 9 1/2।
 
Rajendra! Even after getting tired of hard work, she considered herself accomplished. Gradually old age and penance made her weak. 9 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)