Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.52.24-25h: शर्त के अनुसार, उन्होंने बड़ी कठिनाई से उसकी आधी तपस्या स्वीकार की। फिर वे भी अपना शरीर त्यागकर उसके मार्ग पर चल पड़े। हे भरतश्रेष्ठ! वह उसकी सुन्दरता के बलात् अपनी ओर आकर्षित होने से बहुत दुःखी हुए। | mahabharat अध्याय 9.52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समयेन तपोऽर्धं च कृच्छ्रात् प्रतिगृहीतवान्।
साधयित्वा तदाऽऽत्मानं तस्या: स गतिमन्वियात्॥ २४॥
दु:खितो भरतश्रेष्ठ तस्या रूपबलात्कृत:।
अनुवाद
शर्त के अनुसार, उन्होंने बड़ी कठिनाई से उसकी आधी तपस्या स्वीकार की। फिर वे भी अपना शरीर त्यागकर उसके मार्ग पर चल पड़े। हे भरतश्रेष्ठ! वह उसकी सुन्दरता के बलात् अपनी ओर आकर्षित होने से बहुत दुःखी हुए।
As per the condition, he accepted half of her penance with great difficulty. Then he too abandoned his body and followed her path. O best of the Bharatas! He was very saddened by her beauty being forcibly attracted to him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥