Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.51.42-43h: राजेन्द्र! उस समय भूख से पीड़ित होकर इधर-उधर भागते हुए सभी महर्षि वेदों को भूल चुके थे। उनमें कोई भी ऐसा प्रतिभाशाली नहीं था, जो वेदों को स्मरण रख सके। | mahabharat अध्याय 9.51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषां क्षुधापरीतानां नष्टा वेदाभिधावताम्॥ ४२॥
सर्वेषामेव राजेन्द्र न कश्चित् प्रतिभानवान्।
अनुवाद
राजेन्द्र! उस समय भूख से पीड़ित होकर इधर-उधर भागते हुए सभी महर्षि वेदों को भूल चुके थे। उनमें कोई भी ऐसा प्रतिभाशाली नहीं था, जो वेदों को स्मरण रख सके।
Rajendra! At that time all the great sages who were running here and there suffering from hunger had forgotten the Vedas. There was no one so talented that he could remember the Vedas. 42 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥