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mahabharat 9.51.41-42h: जब बारह वर्ष का सूखा लगभग बीत गया, तब ऋषियों ने पुनः एक-दूसरे से स्वाध्याय के विषय में परामर्श लेना आरम्भ किया।   |   mahabharat अध्याय 9.51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.51.41-42h 
अथ तस्यामनावृष्ट्यामतीतायां महर्षय:॥ ४१॥
अन्योन्यं परिपप्रच्छु: पुन: स्वाध्यायकारणात्।
 
 
अनुवाद
जब बारह वर्ष का सूखा लगभग बीत गया, तब ऋषियों ने पुनः एक-दूसरे से स्वाध्याय के विषय में परामर्श लेना आरम्भ किया।
 
When the twelve years of drought had almost passed, the sages again began asking each other for advice on self-study. 41 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)