Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.51.26-27h: परन्तु उस समय भगवान शंकर को कोई ऐसा अस्त्र नहीं मिला जो उन देवताओं के द्रोही लोगों का वध करने में उपयोगी हो सके।   |   mahabharat अध्याय 9.51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  9.51.26-27h 
न चोपलेभे भगवान् शक्र: प्रहरणं तदा॥ २६॥
यद्वैतेषां भवेद् योग्यं वधाय विबुधद्विषाम्।
 
 
अनुवाद
परन्तु उस समय भगवान शंकर को कोई ऐसा अस्त्र नहीं मिला जो उन देवताओं के द्रोही लोगों का वध करने में उपयोगी हो सके।
 
But at that time Lord Shankar could not find any weapon which could be useful in killing those traitors of the gods. 26 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)