Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.51.18-19h: राजन! ऐसा कहकर ऋषि ने अत्यंत प्रसन्न मन से उत्तम वाणी से देवी सरस्वती की प्रेमपूर्वक स्तुति की। उस स्तुति को यथार्थ रूप से सुनो। 18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! ऐसा कहकर ऋषि ने अत्यंत प्रसन्न मन से उत्तम वाणी से देवी सरस्वती की प्रेमपूर्वक स्तुति की। उस स्तुति को यथार्थ रूप से सुनो। 18 1/2॥
Rajan! Having said this, the sage, with a very happy heart, lovingly praised Goddess Saraswati in an excellent voice. Listen to that praise realistically. 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥