Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.5.36-37h: जिनका आचरण उत्तम है, जो युद्ध से कभी पीछे नहीं हटते, जो अपनी प्रतिज्ञाओं का पालन करते हैं और यज्ञ करते हैं, तथा जिन्होंने शस्त्रों की धारा में स्नान किया है, वे सभी बुद्धिमान पुरुष निश्चय ही स्वर्ग में निवास करते हैं॥36 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.5: दुर्योधनका कृपाचार्यको उत्तर देते हुए सन्धि स्वीकार न करके युद्धका ही निश्चय करना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनका आचरण उत्तम है, जो युद्ध से कभी पीछे नहीं हटते, जो अपनी प्रतिज्ञाओं का पालन करते हैं और यज्ञ करते हैं, तथा जिन्होंने शस्त्रों की धारा में स्नान किया है, वे सभी बुद्धिमान पुरुष निश्चय ही स्वर्ग में निवास करते हैं॥36 1/2॥
Those wise men whose conduct is excellent, who never retreat from a battle, who keep their promises and perform sacrifices, and who have bathed in the stream of weapons, all those wise men certainly reside in heaven.॥ 36 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥