Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.48.65-66h: जप करने वालों में श्रेष्ठ ऋषि ने वीर्य को हाथ में लिया, किन्तु वह तुरन्त ही एक पत्र-पात्र में गिर गया। वह कन्या वहीं प्रकट हुई। | mahabharat अध्याय 9.48: बदरपाचनतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें श्रुतावती और अरुन्धतीके तपकी कथा । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जप करने वालों में श्रेष्ठ ऋषि ने वीर्य को हाथ में लिया, किन्तु वह तुरन्त ही एक पत्र-पात्र में गिर गया। वह कन्या वहीं प्रकट हुई।
The sage, the best amongst those who chanted, took the semen in his hand, but it immediately fell into a leaf plate. The girl appeared right there. 65 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥