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श्लोक 9.48.38-39h  |
ब्राह्मं रूपं तत: कृत्वा महादेवो महायशा:॥ ३८॥
तामभ्येत्याब्रवीद् देवो भिक्षामिच्छाम्यहं शुभे। |
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| अनुवाद |
| तब उन महाबली महादेव ने ब्राह्मण का रूप धारण किया और उसके पास जाकर बोले - 'शुभ! मुझे भिक्षा चाहिए।' |
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| ‘Then that mighty Mahadeva took the form of a Brahmin and went to him and said - 'Shubh! I want alms.' |
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