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श्लोक  9.48.29 
अथ तत् कर्म दृष्ट्वास्या: प्रीतस्त्रिभुवनेश्वर:।
तत: संदर्शयामास कन्यायै रूपमात्मन:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उसका यह कृत्य देखकर तीनों लोकों के स्वामी इंद्र अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने उस कन्या को अपना वास्तविक रूप दिखाया।
 
Seeing her deed, the Lord of the three worlds, Indra, became very pleased. Then he showed his true form to that girl.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)