Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.48.11: भरत! श्रुतवती के ऐसा कहने पर भगवान इन्द्र ने उसकी ओर मुस्कराकर देखा और उसका नियम जानकर मानो उसे सान्त्वना देते हुए कहा -॥11॥   |   mahabharat अध्याय 9.48: बदरपाचनतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें श्रुतावती और अरुन्धतीके तपकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 48: बदरपाचनतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें श्रुतावती और अरुन्धतीके तपकी कथा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  9.48.11 
इत्युक्तो भगवान् देव: स्मयन्निव निरीक्ष्य ताम्।
उवाच नियमं ज्ञात्वा सांत्वयन्निव भारत॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भरत! श्रुतवती के ऐसा कहने पर भगवान इन्द्र ने उसकी ओर मुस्कराकर देखा और उसका नियम जानकर मानो उसे सान्त्वना देते हुए कहा -॥11॥
 
Bharat! When Shrutavati said this, Lord Indra looked at her smilingly and knowing her rule, said to her as if consoling her -॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)