श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 40: आर्ष्टिषेण एवं विश्वामित्रकी तपस्या तथा वरप्राप्ति  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  9.40.15 
एवमुक्त: प्रत्युवाच ततो गाधि: प्रजास्तत:।
विश्वस्य जगतो गोप्ता भविष्यति सुतो मम॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर गाधि ने सब लोगों से कहा - 'मेरा पुत्र सम्पूर्ण जगत् का रक्षक होगा (इसलिए आप लोग डरें नहीं)॥15॥
 
On his saying this, Gadhi said to all the people - 'My son will be the protector of the entire world (so you should not be afraid)'॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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