श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 4: कृपाचार्यका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  9.4.26 
सर्वलोकमहेष्वासौ वृषभौ सर्वधन्विनाम्।
आमुक्तकवचौ कृष्णौ लोकमध्ये विचेरतु:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के श्रेष्ठ धनुर्धर तथा समस्त धनुर्धरों में श्रेष्ठ श्रीकृष्ण और अर्जुन अपने शरीर पर कवच धारण करके योद्धाओं के समूह में निर्भय होकर विचरण करते हैं॥ 26॥
 
Wearing armour on their bodies, Sri Krishna and Arjuna, the greatest archers of the entire universe and the best among all archers, move fearlessly in the group of warriors.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)