त्रासयन्तं तथा योधान् धनुर्घोषेण पाण्डवम्।
भूय एनमपश्याम सिंहं मृगगणानिव॥ २५॥
अनुवाद
जैसे सिंह मृगों के समूह को भयभीत कर देता है, वैसे ही पाण्डुपुत्र अर्जुन भी धनुष की टंकार से आपके समस्त योद्धाओं को बार-बार भयभीत करते हुए देखे गए हैं॥ 25॥
Just as a lion frightens a herd of deer, similarly, the son of Pandu, Arjuna, has been seen frightening all your warriors again and again with the twirling of his bow.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥