त्वन्मूलं च जगत् सर्वं त्वदन्तं हि महेश्वर।
त्वया हि वितता लोका: सप्तेमे सर्वसम्भव॥
अनुवाद
महेश्वर! आप ही सम्पूर्ण जगत के मूल कारण हैं। इसका अंत भी आप ही में निहित है। हे देव! ये सातों लोक आपसे ही उत्पन्न हुए हैं और ब्रह्माण्ड में व्याप्त हैं।
Maheshwar! You are the root cause of the entire universe. Its end also lies in you. O God! These seven worlds have originated from you and are spread in the universe.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥