श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  9.35.78 
सरस्वतीं तत: सोम: स जगामर्षिशासनात्।
प्रभासं प्रथमं तीर्थं सरस्वत्या जगाम ह॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
ऋषि (दक्ष प्रजापति) के आदेश पर सोम सरस्वती के प्रथम तीर्थस्थान प्रभास क्षेत्र में गये।
 
On the orders of the sage (Daksha Prajapati), Som went to Prabhas Kshetra, the first pilgrimage place of Saraswati.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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