श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा  »  श्लोक 73-74h
 
 
श्लोक  9.35.73-74h 
एवमुक्तस्ततो देवान् प्राह वाक्यं प्रजापति:।
नैतच्छक्यं मम वचो व्यावर्तयितुमन्यथा॥ ७३॥
हेतुना तु महाभागा निवर्तिष्यति केनचित्।
 
 
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर प्रजापति दक्ष देवताओं से इस प्रकार बोले - 'महान्! मेरे वचन बदले नहीं जा सकते। किसी विशेष कारणवश यह स्वतः ही वापस ले लिए जाएँगे।'
 
On his saying this, Prajapati Daksh spoke to the gods thus - 'Great gods! My words cannot be changed. Due to some special reason, it will automatically be withdrawn. 73 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)