श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  9.35.72 
तेषां क्षये क्षयोऽस्माकं विनास्माभिर्जगच्च किम्।
इति ज्ञात्वा लोकगुरो प्रसादं कर्तुमर्हसि॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
जब ये सब नष्ट हो जाएँगे, तब हम भी नष्ट हो जाएँगे। फिर हमारे बिना संसार कैसे रह सकता है? हे प्रजागुरु! ऐसा जानकर आप चंद्रदेव पर अवश्य कृपा करें॥ 72॥
 
‘When all of them are destroyed, we will also be destroyed. Then how can the world survive without us? O people's Guru! Knowing this, you must definitely shower your blessings on the Moon God.'॥ 72॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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