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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 35: बलदेवजीकी तीर्थयात्रा तथा प्रभास-क्षेत्रके प्रभावका वर्णनके प्रसंगमें चन्द्रमाके शापमोचनकी कथा
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श्लोक 51
श्लोक
9.35.51
ता वयं सहिता: सर्वास्त्वत्सकाशे प्रजेश्वर।
वत्स्यामो नियताहारास्तपश्चरणतत्परा:॥ ५१॥
अनुवाद
"अतः हे प्रभु! हम सब बहनें नित्य एक साथ भोजन करेंगी और आपके समीप रहकर तपस्या में लीन रहेंगी।"
"Therefore, O lord! All of us sisters will eat regular meals together and stay near you, engaged in tapasya."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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