पुरा हि सोमो राजेन्द्र रोहिण्यामवसत् परम्।
ततस्ता: कुपिता: सर्वा नक्षत्राख्या महात्मन:॥ ४९॥
अनुवाद
राजेन्द्र! प्राचीन काल में चन्द्रमा सदैव रोहिणी के निकट रहते थे; इसलिए महात्मा सोम की सभी पत्नियाँ, जो नक्षत्र नाम से प्रसिद्ध हुईं, उनसे रुष्ट हो गईं।
Rajendra! In ancient times the Moon always stayed near Rohini; therefore all the wives of Mahatma Som, who became famous by the name of Nakshatras, became angry with him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥