Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.33.54: हे पापी! आज ऐसा कौन शत्रु है जो मेरे हाथ में गदा होने पर भी मुझे मार सके? देवताओं के राजा इन्द्र भी न्यायपूर्ण युद्ध करते हुए मुझे परास्त नहीं कर सकते ॥ 54॥ | mahabharat अध्याय 9.33: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको फटकारना, भीमसेनकी प्रशंसा तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पापी! आज ऐसा कौन शत्रु है जो मेरे हाथ में गदा होने पर भी मुझे मार सके? देवताओं के राजा इन्द्र भी न्यायपूर्ण युद्ध करते हुए मुझे परास्त नहीं कर सकते ॥ 54॥
O sinner! Who is the enemy today who can kill me even though I have a mace in my hand? Even Indra, the king of the gods, cannot defeat me while fighting a just war. ॥ 54॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥