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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना
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श्लोक 48
श्लोक
9.32.48
संजय उवाच
उत्थितश्च जलात् तस्मात् पुत्रो दुर्योधनस्तव।
अतिष्ठत गदापाणी रुधिरेण समुक्षित:॥ ४८॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! आपका पुत्र दुर्योधन जल से बाहर आकर हाथ में गदा लिए खड़ा हो गया। वह रक्त से लथपथ था।
Sanjaya says - O King! Your son Duryodhan came out of the water and stood there holding a mace in his hand. He was soaked in blood.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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