Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.32.44: उन्हें सभा से बाहर आते देख सभी पांचाल और पांडव प्रसन्न हो गए और एक-दूसरे से हाथ मिलाने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  9.32.44 
तमुत्तीर्णं तु सम्प्रेक्ष्य समहृष्यन्त सर्वश:।
पञ्चाला: पाण्डवेयाश्च तेऽन्योन्यस्य तलान् ददु:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
उन्हें सभा से बाहर आते देख सभी पांचाल और पांडव प्रसन्न हो गए और एक-दूसरे से हाथ मिलाने लगे।
 
Seeing him emerge from the gathering, all the Panchalas and the Pandavas were delighted and began shaking hands with one another.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)