श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 32: युधिष्ठिरके कहनेसे दुर्योधनका तालाबसे बाहर होकर किसी एक पाण्डवके साथ गदायुद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  9.32.17 
अहमुत्थाय सर्वान् वै प्रतियोत्स्यामि संयुगे।
अनुगम्यागतान् सर्वानृतून् संवत्सरो यथा॥ १७॥
 
 
अनुवाद
मैं उठकर युद्धभूमि में तुम सब से एक-एक करके युद्ध करूँगा, जैसे वर्ष एक-एक करके सब ऋतुओं को ग्रहण करता है॥17॥
 
I will get up and fight all of you on the battlefield, one by one, just as the year accepts all the seasons one by one.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)